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राजस्थान इतिहास

राजस्थान में जिलों का गठन एवं पुनर्गठन

Sudhir SirSudhir Sir (इतिहास विशेषज्ञ)
22 सितंबर 2026
अंतिम समीक्षा: 22 सितंबर 2026
13 मिनट पठन

कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। अंतिम समीक्षा तिथि ऊपर है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय

स्रोत आधार: RPSC RAS / RSMSSB CET पाठ्यक्रम — राजस्थान इतिहास इकाई। पाठ्यपुस्तक पृष्ठ यहाँ नहीं चिपकाए गए।

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राजस्थान में जिलों का गठन एवं पुनर्गठन

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नोट्स के मुख्य बिंदु, मॉक MCQ या डाउट पूछें

राजस्थान में जिलों का गठन एवं पुनर्गठन राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था, राजस्थान GK और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है। राजस्थान के वर्तमान 41 जिलों तक पहुंचने की प्रक्रिया एक लंबे प्रशासनिक विकास से जुड़ी है। स्वतंत्रता के बाद एकीकृत राजस्थान में शुरुआती दौर में 24 जिले थे, 1956 में राज्य पुनर्गठन के बाद जिलों की संख्या 26 हुई और इसके बाद अलग-अलग समय पर नए जिले बनाए गए। 2008 में प्रतापगढ़ के गठन के बाद राज्य में 33 जिले थे। 2023 में व्यापक जिला पुनर्गठन के बाद संख्या 50 तक पहुंची, लेकिन दिसंबर 2024 में 9 नवगठित जिलों का सृजन निरस्त कर दिया गया। इसके बाद वर्तमान व्यवस्था में 41 जिले हैं।

Quick Answer Box

  • वर्तमान जिले: 41
  • वर्तमान संभाग: 7
  • 1950 के आसपास: राजस्थान 24 जिलों और 5 संभागों में विभाजित था।
  • 1956: राज्य पुनर्गठन के बाद राजस्थान में 26 जिले थे।
  • 1982: धौलपुर राजस्थान का 27वां जिला बना।
  • 1991: दौसा, बारां और राजसमंद बनने से जिलों की संख्या 30 हुई।
  • 1994: हनुमानगढ़ के गठन के बाद संख्या 31 हुई।
  • 1997: करौली के गठन के बाद संख्या 32 हुई।
  • 2008: प्रतापगढ़ बनने के बाद संख्या 33 हुई।
  • 2023: 17 नए जिलों के साथ कुल संख्या 50 तक पहुंची।
  • 2024: 9 जिलों का सृजन निरस्त होने के बाद वर्तमान संख्या 41 हुई।

राजस्थान में जिलों का गठन क्यों किया जाता है?

जिला राज्य प्रशासन की एक प्रमुख क्षेत्रीय इकाई है। जिला स्तर पर राजस्व प्रशासन, कानून-व्यवस्था, विकास योजनाओं, आपदा प्रबंधन, निर्वाचन, भूमि अभिलेख, स्थानीय प्रशासन और विभिन्न सरकारी सेवाओं का समन्वय किया जाता है। इसलिए जिलों की सीमाएं और संख्या स्थिर नहीं रहतीं। जनसंख्या वृद्धि, भौगोलिक दूरी, प्रशासनिक सुविधा, विकास की आवश्यकता और स्थानीय प्रशासन को अधिक सुलभ बनाने जैसे कारणों से जिलों का गठन या पुनर्गठन किया जा सकता है।

राजस्थान जैसे विशाल भौगोलिक क्षेत्र वाले राज्य में जिला प्रशासन का महत्व और अधिक है। वर्तमान में राजस्थान को प्रशासनिक रूप से 41 जिलों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जिले में जिला कलेक्टर/जिला मजिस्ट्रेट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी प्रशासनिक कार्यों का संचालन करते हैं।

परीक्षा में इस विषय का महत्व

परीक्षा/विषयमहत्वक्या पढ़ें?
RPSC/RASउच्चजिला गठन, पुनर्गठन, प्रशासनिक इतिहास और वर्तमान स्थिति
राजस्थान CETउच्चवर्ष, क्रम और नए जिलों के नाम
Patwariउच्चजिला-तहसील और प्रशासनिक पुनर्गठन
VDOउच्चस्थानीय प्रशासन और जिला व्यवस्था
राजस्थान पुलिसमध्यम-उच्चवर्तमान जिले और प्रशासनिक इकाइयां
REET/शिक्षक भर्तीमध्यमराजस्थान सामान्य ज्ञान के तथ्य

राजस्थान में जिला व्यवस्था की शुरुआत

स्वतंत्रता के बाद राजस्थान के एकीकरण की प्रक्रिया 1948 से शुरू हुई और 1 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन के बाद आधुनिक राजस्थान का प्रशासनिक स्वरूप विकसित हुआ। राजस्थान फाउंडेशन के अनुसार एकीकरण सात चरणों में पूरा हुआ।

एकीकृत प्रशासन के सामने सबसे शुरुआती चुनौतियों में अलग-अलग रियासतों की प्रशासनिक परंपराओं को एक समान व्यवस्था में लाना शामिल था। राजस्थान राजस्व विभाग के ऐतिहासिक विवरण में बताया गया है कि प्रारंभिक दौर में राजस्थान को पांच संभागों और 24 जिलों में विभाजित किया गया था। उस समय भूमि प्रशासन और राजस्व व्यवस्था को व्यवस्थित करना प्रमुख आवश्यकताओं में था।

1956 के राज्य पुनर्गठन के बाद राजस्थान में 26 जिले

1 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन के बाद राजस्थान के प्रशासनिक स्वरूप में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए। अजमेर राज्य का राजस्थान में विलय हुआ और अन्य सीमाई क्षेत्रों के पुनर्समायोजन के साथ आधुनिक राजस्थान की रूपरेखा बनी। राजस्थान फाउंडेशन के अनुसार यह एकीकरण का सातवां और अंतिम चरण था।

1956 के बाद राजस्थान में 26 जिलों की व्यवस्था रही। भारत की 1961 जनगणना के आधिकारिक प्रशासनिक दस्तावेज में राजस्थान को 26 जिलों वाला राज्य बताया गया है।

समयजिलों की संख्यामुख्य तथ्य
एकीकृत राजस्थान का प्रारंभिक प्रशासन245 संभाग और 24 जिले
195626राज्य पुनर्गठन के बाद
196126जनगणना अभिलेख में 26 जिले
198227धौलपुर का गठन
1991 के बाद30+दौसा, बारां और राजसमंद सहित नए जिले
199732करौली के गठन के बाद
200833प्रतापगढ़ के गठन के बाद
202350व्यापक जिला पुनर्गठन
दिसंबर 2024 के बाद419 जिलों का सृजन निरस्त

राजस्थान का जिला गठन: 1956 से 2008 तक

1956 के बाद राजस्थान में जिला प्रशासन का विकास धीरे-धीरे हुआ। शुरुआती 26 जिलों के बाद प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार बड़े जिलों से नए जिले बनाए गए। यह प्रक्रिया कई दशकों में हुई।

1. धौलपुर: 27वां जिला

धौलपुर को भरतपुर से अलग करके नया जिला बनाया गया। इसके गठन के बाद राजस्थान में जिलों की संख्या 27 हुई। राजस्थान के जिला गठन के इतिहास में धौलपुर को 27वें जिले के रूप में याद किया जाता है।

2. 1991 में तीन नए जिले

1991 के आसपास राजस्थान में तीन नए जिलों का गठन हुआ। ये थे दौसा, बारां और राजसमंद। इससे जिलों की संख्या 30 हो गई। बाद के आधिकारिक और सांख्यिकीय स्रोतों में इन जिलों को राजस्थान की जिला संरचना का हिस्सा माना गया।

इस चरण में बड़े पुराने जिलों के प्रशासनिक क्षेत्र को विभाजित करके नए जिले बनाए गए। दौसा को जयपुर क्षेत्र से, बारां को कोटा क्षेत्र से और राजसमंद को उदयपुर क्षेत्र से अलग प्रशासनिक इकाई के रूप में विकसित किया गया।

3. हनुमानगढ़: 31वां जिला

हनुमानगढ़ को श्रीगंगानगर से अलग करके नया जिला बनाया गया। इसके गठन के बाद जिलों की संख्या 31 हो गई।

4. करौली: 32वां जिला

करौली को सवाई माधोपुर से अलग करके जिला बनाया गया। इसके बाद राजस्थान में 32 जिले हो गए।

1991 के बाद बने इन जिलों ने राजस्थान के प्रशासनिक मानचित्र में महत्वपूर्ण बदलाव किया। राजस्थान के 2001 जनगणना संबंधी सरकारी अभिलेख में 32 जिलों की सूची उपलब्ध है।

2008 में प्रतापगढ़ का गठन

26 जनवरी 2008 को प्रतापगढ़ को राजस्थान का नया जिला बनाया गया। यह चित्तौड़गढ़, उदयपुर और बांसवाड़ा जिलों के क्षेत्रों को पुनर्गठित करके बनाया गया। प्रतापगढ़ के गठन के बाद राजस्थान में कुल 33 जिले हो गए।

2008 से 2023 तक राजस्थान में 33 जिलों की व्यवस्था रही। 2011 की जनगणना संबंधी सरकारी दस्तावेज में राजस्थान के 33 जिलों का उल्लेख मिलता है।

2023 का बड़ा जिला पुनर्गठन

2023 में राजस्थान में जिलों के गठन और पुनर्गठन का सबसे बड़ा आधुनिक चरण आया। इस प्रक्रिया के बाद राज्य में जिलों की संख्या 33 से बढ़कर 50 और संभागों की संख्या 7 से बढ़कर 10 हो गई थी।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य छोटे प्रशासनिक क्षेत्रों के माध्यम से सरकारी सेवाओं और प्रशासन को अधिक स्थानीय स्तर तक पहुंचाना था। नए जिलों के गठन से पुराने जिलों की सीमाओं और तहसीलों का पुनर्गठन भी किया गया। राजस्थान राजस्व विभाग की अधिसूचना सूची में 2023 में विभिन्न जिलों के पुनर्गठन से संबंधित अधिसूचनाएं उपलब्ध हैं।

2023 में बनाए गए 17 नए जिले

क्रमनया जिलामुख्य पुराने जिले से क्षेत्र
1अनूपगढ़श्रीगंगानगर और बीकानेर क्षेत्र
2बालोतराबाड़मेर
3ब्यावरअजमेर और पाली क्षेत्र
4डीगभरतपुर
5डीडवाना-कुचामननागौर
6दूदूजयपुर क्षेत्र
7गंगापुर सिटीसवाई माधोपुर क्षेत्र
8जयपुर ग्रामीणजयपुर क्षेत्र
9जोधपुर ग्रामीणजोधपुर क्षेत्र
10खैरथल-तिजाराअलवर
11कोटपूतली-बहरोड़जयपुर और अलवर क्षेत्र
12नीम का थानासीकर
13फलौदीजोधपुर क्षेत्र
14सलूंबरउदयपुर क्षेत्र
15सांचौरजालौर
16शाहपुराभीलवाड़ा
17केकड़ीअजमेर और टोंक क्षेत्र

परीक्षा सावधानी: अलग-अलग पुराने स्रोतों में 2023 के नए जिलों की संख्या और तारीखों को लेकर अंतर दिखाई दे सकता है। इसलिए वर्तमान प्रश्नों के लिए दिसंबर 2024 के बाद की सरकारी अधिसूचनाओं और वर्तमान सरकारी जिला सूची को प्राथमिकता दें।

2024 में 9 जिलों का सृजन निरस्त

2023 की 50-जिला व्यवस्था स्थायी नहीं रही। दिसंबर 2024 में राजस्थान सरकार के राजस्व विभाग ने नौ नवगठित जिलों के सृजन को निरस्त करने और संबंधित पुराने जिलों के पुनर्गठन की अधिसूचनाएं जारी कीं। सरकारी अधिसूचना सूची में 30 दिसंबर 2024 की संबंधित अधिसूचनाएं स्पष्ट रूप से दर्ज हैं।

निरस्त जिलापुनः संबंधित जिला/जिले
गंगापुर सिटीसवाई माधोपुर और करौली
दूदूजयपुर
नीम का थानासीकर और झुंझुनू
जोधपुर ग्रामीणजोधपुर
सांचौरजालौर
शाहपुराभीलवाड़ा
अनूपगढ़श्रीगंगानगर और बीकानेर
केकड़ीअजमेर और टोंक
जयपुर ग्रामीणजयपुर

इन नौ जिलों के निरस्तीकरण के बाद 2023 में बने 17 नए जिलों में से 8 जिले वर्तमान जिला व्यवस्था में बने रहे। यही कारण है कि 33 पुराने जिलों में 8 नए जिलों के जुड़ने से वर्तमान संख्या 41 है। राजस्थान सरकार के ई-धरती पोर्टल पर वर्तमान में कुल 41 जिले प्रदर्शित होते हैं।

वर्तमान राजस्थान के 41 जिले

वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार राजस्थान में 41 जिले हैं। सरकारी पोर्टलों की वर्तमान सूचियों में इन जिलों में पुराने जिलों के साथ 2023 के बाद बचे नए जिले भी शामिल हैं।

क्रमवर्तमान जिला
1अजमेर
2अलवर
3बालोतरा
4बांसवाड़ा
5बारां
6बाड़मेर
7ब्यावर
8भरतपुर
9भीलवाड़ा
10बीकानेर
11बूंदी
12चित्तौड़गढ़
13चूरू
14दौसा
15डीग
16धौलपुर
17डीडवाना-कुचामन
18डूंगरपुर
19हनुमानगढ़
20जयपुर
21जैसलमेर
22जालौर
23झालावाड़
24झुंझुनू
25जोधपुर
26करौली
27खैरथल-तिजारा
28कोटा
29कोटपूतली-बहरोड़
30नागौर
31पाली
32फलौदी
33प्रतापगढ़
34राजसमंद
35सलूंबर
36सवाई माधोपुर
37सीकर
38सिरोही
39श्रीगंगानगर
40टोंक
41उदयपुर

वर्तमान जिला सूची की सरकारी पुष्टि राजस्थान सरकार के ई-धरती पोर्टल और अन्य विभागीय जिला सूचियों से की जा सकती है।

जिला गठन की पूरी Timeline

वर्ष/तिथिघटनाजिला व्यवस्था पर प्रभाव
1949-50एकीकृत राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था24 जिले और 5 संभाग की प्रारंभिक व्यवस्था
1 नवंबर 1956राज्य पुनर्गठन26 जिले
1961जनगणना26 जिले दर्ज
1982धौलपुर का गठन27 जिले
1991दौसा, बारां, राजसमंद30 जिले
1994हनुमानगढ़31 जिले
1997करौली32 जिले
26 जनवरी 2008प्रतापगढ़33 जिले
202317 नए जिले50 जिले
30 दिसंबर 20249 नए जिलों का सृजन निरस्त41 जिले
वर्तमानप्रशासनिक व्यवस्था41 जिले

2023 और 2024 के पुनर्गठन को कैसे समझें?

इसे तीन संख्याओं से याद करना सबसे आसान है:

33 → 50 → 41

2008 से 2023 तक 33 जिले → 2023 में 50 जिले → दिसंबर 2024 के बाद 41 जिले।

यह क्रम वर्तमान परीक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि कई पुराने राजस्थान GK स्रोत अभी भी 33 जिलों या 50 जिलों की जानकारी दिखाते हैं। प्रश्न पूछे जाने के वर्ष के अनुसार उत्तर बदल सकता है। यदि प्रश्न वर्तमान जिलों की संख्या पूछता है, तो वर्तमान सरकारी व्यवस्था के अनुसार 41 उत्तर होगा।

जिलों और संभागों में अंतर

जिला और संभाग एक ही प्रशासनिक इकाई नहीं हैं। एक संभाग के अंतर्गत कई जिले होते हैं। जिला स्तर पर जिला कलेक्टर/जिला मजिस्ट्रेट प्रमुख प्रशासनिक अधिकारियों में से एक होता है, जबकि संभाग स्तर पर संभागीय आयुक्त प्रशासनिक समन्वय की भूमिका निभाता है।

2023 के पुनर्गठन के दौरान संभागों की संख्या भी बढ़ी थी। दिसंबर 2024 में तीन नए संभागों के संबंध में भी पुनर्गठन हुआ और वर्तमान व्यवस्था में राजस्थान के 7 संभाग हैं। राजस्थान के स्थानीय स्वशासन विभाग की वर्तमान जानकारी 41 जिलों की प्रशासनिक व्यवस्था की पुष्टि करती है।

जिला पुनर्गठन और प्रशासनिक सुविधा

जिला छोटा होने से प्रशासनिक मुख्यालय और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच दूरी कम हो सकती है। इससे राजस्व मामलों, प्रमाण-पत्र, भूमि संबंधी कार्य, कानून-व्यवस्था, विकास योजनाओं और अन्य सरकारी सेवाओं के संचालन में स्थानीय प्रशासन को सुविधा मिल सकती है। हालांकि किसी जिले के गठन का वास्तविक प्रशासनिक प्रभाव केवल जिले की संख्या से तय नहीं होता। तहसील, उपखंड, पुलिस जिले, विभागीय कार्यालय, बजट और कर्मचारियों का पुनर्गठन भी महत्वपूर्ण होता है।

इसलिए प्रतियोगी परीक्षा में केवल नए जिले का नाम याद करने के बजाय यह भी समझना चाहिए कि वह किस पुराने जिले के क्षेत्र से बना और बाद में यदि उसका सृजन निरस्त हुआ तो वह क्षेत्र किस जिले में वापस गया।

राजस्थान के जिला पुनर्गठन में महत्वपूर्ण तथ्य

  • प्रारंभिक एकीकृत राजस्थान में 24 जिले और 5 संभाग की व्यवस्था थी।
  • 1956 के बाद राजस्थान में 26 जिले थे।
  • धौलपुर 27वां जिला बना।
  • दौसा, बारां और राजसमंद के गठन से जिलों की संख्या 30 हुई।
  • हनुमानगढ़ के गठन के बाद संख्या 31 हुई।
  • करौली के गठन के बाद संख्या 32 हुई।
  • प्रतापगढ़ के गठन के बाद 33 जिले हुए।
  • 2023 में 17 नए जिलों के गठन से संख्या 50 हुई।
  • 2024 में 9 नवगठित जिलों का सृजन निरस्त हुआ।
  • वर्तमान सरकारी पोर्टल पर 41 जिले दर्ज हैं।

Exam Trap: इन गलतियों से बचें

  1. 33 जिले को वर्तमान संख्या न मानें। 33 जिले 2008 से 2023 तक की पुरानी व्यवस्था थी।
  2. 50 जिले को वर्तमान संख्या न मानें। यह 2023 के पुनर्गठन के बाद की व्यवस्था थी। बाद में 9 जिलों का सृजन निरस्त हुआ।
  3. वर्तमान संख्या 41 जिले है। इसे सरकारी वर्तमान जिला सूची से मिलाकर पढ़ें।
  4. अनूपगढ़, दूदू, गंगापुर सिटी, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण, केकड़ी, नीम का थाना, सांचौर और शाहपुरा वर्तमान 41 जिलों की सूची में नहीं हैं।
  5. बालोतरा, ब्यावर, डीग, डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, फलौदी और सलूंबर वर्तमान 41 जिलों में शामिल हैं।
  6. 1956 को जिला गठन की शुरुआत न समझें। 1956 राज्य पुनर्गठन का महत्वपूर्ण वर्ष था, जिसके बाद राजस्थान में 26 जिले थे।

याद करने की आसान ट्रिक

जिला संख्या के विकास को इस क्रम में याद करें:

24 → 26 → 27 → 30 → 31 → 32 → 33 → 50 → 41

संख्यायाद रखने का आधार
24प्रारंभिक एकीकृत राजस्थान
261956 के बाद
27धौलपुर
30दौसा + बारां + राजसमंद
31हनुमानगढ़
32करौली
33प्रतापगढ़
502023 का व्यापक पुनर्गठन
41दिसंबर 2024 के बाद वर्तमान व्यवस्था

संबंधित राजस्थान नोट्स

अभ्यास क्विज

जिलों के गठन, वर्तमान 41 जिलों, 2023 के पुनर्गठन और 2024 में निरस्त किए गए जिलों को याद करने के बाद Rajasthan GK के MCQ और PYQ अभ्यास करना उपयोगी रहेगा। Suyog Academy पर राजस्थान के अन्य अभ्यास नोट्स और परीक्षा सामग्री देखें।

निष्कर्ष

राजस्थान में जिलों का गठन और पुनर्गठन कई चरणों में हुआ है। प्रारंभिक एकीकृत राजस्थान में 24 जिलों से शुरू होकर 1956 में 26 जिले हुए। इसके बाद धौलपुर, दौसा, बारां, राजसमंद, हनुमानगढ़, करौली और प्रतापगढ़ जैसे जिलों के गठन से संख्या 33 तक पहुंची। 2023 में बड़े प्रशासनिक पुनर्गठन से संख्या 50 हुई, लेकिन दिसंबर 2024 में नौ नवगठित जिलों का सृजन निरस्त कर दिया गया। वर्तमान सरकारी व्यवस्था में राजस्थान में 41 जिले हैं।

परीक्षा के लिए सबसे जरूरी क्रम 33 → 50 → 41 है। इसके साथ 1956 में 26 जिले, धौलपुर को 27वां जिला, 1991 के तीन नए जिले, 2008 में प्रतापगढ़ और 2024 में नौ जिलों के निरस्तीकरण को जरूर याद रखें।


लेखक: Suyog Academy Content Team

विषय: राजस्थान सामान्य ज्ञान | इतिहास एवं प्रशासन

उपयोगी परीक्षाएं: RPSC/RAS, Rajasthan CET, Patwari, VDO, Rajasthan Police, REET और अन्य राजस्थान प्रतियोगी परीक्षाएं

स्रोत आधार: राजस्थान सरकार के राजस्व विभाग, ई-धरती, स्थानीय स्वशासन विभाग तथा भारत की जनगणना से उपलब्ध प्रशासनिक अभिलेख।

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🎯 विगत वर्षों के प्रश्न (Interactive PYQs)

Q1. 1956 के राज्य पुनर्गठन के बाद राजस्थान में कितने जिले थे?

Practice PYQ Style 2026

Q2. राजस्थान का 27वां जिला कौन सा माना जाता है?

Practice PYQ Style 2026

Q3. 1991 के आसपास राजस्थान में निम्न में से कौन-से तीन जिले नए बनाए गए?

Practice PYQ Style 2026

Q4. प्रतापगढ़ को राजस्थान का जिला कब बनाया गया?

Practice PYQ Style 2026

Q5. 2023 के बड़े जिला पुनर्गठन के बाद राजस्थान में जिलों की संख्या कितनी हुई थी?

Practice PYQ Style 2026

Q6. दिसंबर 2024 में राजस्थान के कितने नवगठित जिलों का सृजन निरस्त किया गया?

Practice PYQ Style 2026

Q7. वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था में राजस्थान में कितने जिले हैं?

Practice PYQ Style 2026

Q8. निम्न में से कौन सा जिला दिसंबर 2024 में निरस्त किए गए जिलों में शामिल था?

Practice PYQ Style 2026

Q9. निम्न में से कौन सा 2023 में बने और वर्तमान 41-जिला व्यवस्था में बना हुआ जिला है?

Practice PYQ Style 2026

Q10. राजस्थान में जिलों की संख्या के विकास का सही क्रम कौन सा है?

Practice PYQ Style 2026

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

राजस्थान में वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार 41 जिले हैं।

राजस्थान राजस्व विभाग के ऐतिहासिक विवरण के अनुसार प्रारंभिक एकीकृत राजस्थान को 5 संभागों और 24 जिलों में विभाजित किया गया था।

राज्य पुनर्गठन के बाद राजस्थान में 26 जिले थे। 1961 की जनगणना के आधिकारिक प्रशासनिक अभिलेख में भी 26 जिलों का उल्लेख है।

धौलपुर को राजस्थान का 27वां जिला माना जाता है।

दौसा, बारां और राजसमंद के गठन से राजस्थान में जिलों की संख्या 30 हुई।

प्रतापगढ़ का गठन 26 जनवरी 2008 को हुआ और इसके बाद राजस्थान में 33 जिले हो गए।

2023 के बड़े जिला पुनर्गठन के बाद राजस्थान में जिलों की संख्या 50 तक पहुंच गई थी।

दिसंबर 2024 में 9 नवगठित जिलों का सृजन निरस्त किया गया।

अनूपगढ़, दूदू, गंगापुर सिटी, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण, केकड़ी, नीम का थाना, सांचौर और शाहपुरा का सृजन निरस्त किया गया।

2008 के बाद राजस्थान में 33 जिले थे। 2023 में 17 नए जिलों से संख्या 50 हुई और दिसंबर 2024 में 9 जिलों का सृजन निरस्त होने के बाद वर्तमान संख्या 41 हो गई।

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